मुफ़्ती, अब्दुल्ला को सत्ता चाहिए! FAROOKH ABDULLA, MAHBOOBA MUFTI
धारा ३७० के हटने के बाद से ही कश्मीर घाटी मैं तमाम बड़े नेताओ की राजनितिक दुकान पर ताला पड़ गया है। अब्दुल्ला परिवार हो चाहे मुफ़्ती कोई भी बड़ा नेता बाहर दिखाई नहीं दिया, लेकिन अभी हाल ही महबूबा मुफ़्ती के घर पर हुई कुछ पार्टियों की एक बैठक ने फिर घाटी मैं राजनितिक सरगर्मियां तेज कर दी है। इस का एक कारण यह भी है की इन तमाम पार्टियों के शीर्ष नेतागण अब तक सरकार के निर्देशानुसार अपने घर पर ही रह रहे थे व् लगभग १ साल बीत जाने के बाद अब वह सब घाटी मैं अपनी खोई हुई राजनितिक जमीन तलाश कर रहे है। अभी कुछ दिन पहले है महबूबा मुफ़्ती के घर पर घाटी में सक्रीय राजनितिक दलों (पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपल्स कॉन्फ्रेंस, माकपा, पीपल्स यूनाइटेड फ्रंट, पैंथर्स पार्टी और अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस शामिल हैं.) के शीर्ष नेतृत्व की एक बैठक हुई और एक गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजिडी) बना जिसका उद्येश्य संविधान के अनुच्छेद ३७० के प्रावधानों को बहाल कराना है। यह एलाइंस आजकल काफी चर्चा मैं बना हुआ है , टी वी डिबेट भी खूब जोर शोर से हो रही है। भ...